मौत शायरी हिन्दी मे | 499+ BEST Maut Shayari in Hindi
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=> 01 - टॉप Maut Shayari in Hindi With Images
पलकें खुली सुबह तो ये जाना हमने,
मौत ने आज फिर हमें ज़िन्दगी के हवाले कर दिया.
टूट सी गयी हूँ लड़ते लड़ते
मौत से गले लगना है.
ये मौत अब बस तेरे पास ही आना है.
*
मौत से क्या डर मिनटों का खेल है,
आफत तो ज़िन्दगी है बरसों चला करती है.
न उढाओ ठोकरों में मेरी खाके-कब्र ज़ालिम,
ये ही एक रह गयी है मेरे प्यार की निशानी.
तू बदनाम ना हो इसलिए जी रहा हूँ मैं,
वरना मरने का इरादा तो रोज होता है.
तेरी ही जुस्तजू में जी लिए इक ज़िंदगी हम,
गले मुझको लगाकर खत्म साँसों का सफ़र कर दे.
*
एक दिन हम कुछ इस तरह सोएंगे,
की लोग हमे उठाने के लिए रोएंगे.
बिना मौत के ही किसी दिन में मर जायेंगे हम,
आप जो इसी तरह दूर जाते रहोगे हमसे.
तुम्हारा दबदबा खाली तुम्हारी ज़िन्दगी तक है,
किसी की क़ब्र के अन्दर जमींदारी नहीं चलती.
मरते हैं आरज़ू में मरने की,
मौत आती है पर नहीं आती.
=> 02 - Maut Shayari in Hindi 2 Lines
मैं अब सुपुर्दे ख़ाक हूँ मुझको जलाना छोड़ दे,
कब्र पर मेरी तू उसके साथ आना छोड़ दे.
लम्बी उम्र की दुआ मेरे लिए न माँग,
ऐसा न हो कि तुम भी छोड़ दो और मौत भी न आये.
*
मौत जाने चुपके से क्या कह देती है,
जाने वालो ने पलट कर कभी देखा ही नहीं.
जिन्दगी कशमकश-ए-इश्क के आगाज का नाम,
मौत अंजाम इसी दर्द के अफसाने का.
कितना ख़ुशनुमा होगा,
वो मेरी मौत का मंजर,
जब मुझे ठुकराने वाले खुद,
मुझे पाने के लिए आंसू बहायेंगे..
एक आदमी जो पूरी तरह से रहता है
वह किसी भी समय मरने के लिए तैयार है.
*
उससे बिछड़े तो मालूम हुआ मौत भी कोई चीज़ है,
ज़िन्दगी वो थी जो उसकी महफ़िल में गुज़ार आए.
मेरी ज़िंदगी तो गुज़री तेरे हिज्र के सहारे,
मेरी मौत को भी प्यारे कोई चाहिए बहाना.
दिल का हर राज दे दिया उनको मेहरबा समझ कर,
लगाया मौत को गले से हमने उनका फरमान समझ कर.
-
मौत का किस्सा सुनाया नहीं जाता.
जो मेरे संग बित रहा है उसे बताया नहीं जाता.
=> 03 - मौत शायरी Boy
पैदा तो सभी मरने के लिये ही होते हैं
पर मौत ऐसी होनी चाहिए,
जिस पर जमाना अफसोस करे।
-
अपने वजूद पर इतना न
इतरा ए ज़िन्दगी,
वो तो मौत है जो तुझे
मोहलत देती जा रही है।
*
चूम कर कफ़न में लिपटे मेरे चेहरे को
उसने तड़प के कहा,
नए कपड़े क्या पहन लिए, हमें देखते भी नहीं’।
-
उठ गई हैं सामने से कैसी कैसी सूरतें
रोइए किस के लिए
किस किस का मातम कीजिए
एक दिन हम भी कफ़न ओढ़ जायेंगे,
सब रिश्ते इस जमीन से तोड़ जायेंगे,
जितना जी चाहे सता लो तुम मुझे,
एक दिन रोता हुआ सबको छोड़ जायेंगे।
-
बिछड़ा कुछ इस अदा से कि
रुत ही बदल गयी,
इक शख़्स सारे शहर को
वीरान सा कर गया है।
*
बूढ़ों के साथ लोग कहाँ तक वफ़ा करें
बूढ़ों को भी जो मौत न आए तो क्या करें ….।।
“अकबर इलाहाबादी”
-
तू बदनाम न हो जाए
इस लिए जी रहा हूँ मैं,
वरना मरने का इरादा तो
रोज ही होता है….।।
अब मौत से कह दो कि
नाराज़गी खत्म कर ले,
वो बदल गया है
जिसके लिए हम ज़िंदा थे….।।
-
मुझे आज भी यकीन है की तु
एक दिन लौटकर आयेगा
चाहे वो दिन मेरी मौत का ही
क्यों ना हो….।।
=> 04 - मौत शायरी फोटो
मौत का इंतिज़ार बाक़ी है
आप का इंतिज़ार था न रहा….।।
“फ़ानी बदायुनी”
-
पहले ज़िन्दगी छीन ली मुझसे,
अब मेरी मौत का फायेदा उठाती है,
मेरी कब्र पे फूल चढ़ाने के बहाने,
वो किसी और से मिलने आती है….।।
*
वो इतना रोई मेरी मौत पर
मुझे जगाने के लिए,
मैं मरता ही क्यूँ अगर वो थोडा
रो देती मुझे पाने के लिए….।।
-
ना जाने आखिर इतना
दर्द क्यो देती है ये मोहब्बत,
हँसता हुआ इँसान भी दुआओ मे
मौत माँगता है…।।
शुक्र है कि मौत सबको आती है,
वरना अमीर तो इस बात का भी
मजाक उड़ाते, कि गरीब था
इसलिए मर गया….।।
-
वादे तो हजारों किये थे उसने मुझसे,
काश एक वादा उसने निभाया होता,
मौत का किसको पता कि कब आएगी,
पर काश उसने जिंदा दफनाया न होता….।।
*
अगर रुक जाये मेरी धड़कन तो
मौत न समझना,
कई बार ऐसा हुआ है
उसे याद करते करते….।।
-
ए मौत, जरा पहले आना
गरीब के घर,
कफ़न का खर्च दवाओं में
निकल जाता है….।।
जो दे रहे हो हमें
ये तड़पने की सज़ा तुम
हमारे लिए ये
सज़ा ऐ मौत से भी बदतर है….।।
-
कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे,
ऐसा कर ऐ खुदा मेरी हस्ती मिटा दे,
यूँ घुट-घुट के जीने से मौत बेहतर है,
मैं कभी न जागूं मुझे ऐसी नींद सुला दे….।।
=> 05 - जिंदगी मौत शायरी
ना जाने मेरी मौत कैसी होगी,
पर ये तो तय है की
तेरी बेवफाई से तो बेहतर होगी….।।
-
सुना है मौत एक पल की भी
मोहलत नहीं देती,
मैं अचानक मर जाऊ तो
मुझे माफ़ कर देना….।।
*
जो मौत से ना डरता था,
बच्चों से डर गया,
एक रात जब खाली हाथ
मजदूर घर गया….।।
-
थक गई मेरी जिन्दगी भी
लोगो के जवाब देते
अब कही मेरी मौत न लोगो का
सवाल बन जाऐ….।।
करूँ क्यों फ़िक्र मौत के बाद
जगह कहाँ मिलेगी
जहाँ होगी दोस्तों की महफिलें,
मेरी रूह वहाँ मिलेगी….।।
-
एक मुर्दे ने क्या खूब कहा है,
ये जो मेरी मौत पर रो रहे है,
अभी उठ जाऊं तो जीने नहीं देंगे….।।
*
वो कर नहीं रहे थे
मेरी बात का यकीन,
फिर यूँ हुआ के मर के
दिखाना पड़ा मुझे….।।
-
मौत का एक दिन मुअय्यन है
नींद क्यूँ रात भर नहीं आती ….।।
“मिर्ज़ा ग़ालिब”
बे-ताल्लुक ज़िंदगी अच्छी नहीं
ज़िंदगी क्या मौत भी अच्छी नहीं….।।
“हफ़ीज़ जालंधरी”
-
मौत ख़ामोशी है चुप रहने से चुप लग जाएगी
ज़िंदगी आवाज़ है बातें करो बातें करो….।।
“अहमद मुश्ताक़”
=> 06 - मौत शायरी दो लाइन
मौत से किस की रिश्तेदारी है
आज वो कल हमारी बारी है….।।
“मिर्ज़ा शौक़ लखनवी”
-
जो लोग मौत को ज़ालिम करार देते हैं,
खुदा मिलाये उन्हें ज़िन्दगी के मारो से….।।
*
नहीं ज़रूर कि मर जाएँ जाँ-निसार तेरे
यही है मौत कि जीना हराम हो जाए….।।
“फ़ानी बदायुनी”
-
मेरी ज़िंदगी तो गुजरी तेरे हिज्र के सहारे,
मेरी मौत को भी कोई बहाना चाहिए….।।
^
बला की चमक उस के चेहरे पे थी
मुझे क्या ख़बर थी कि मर जाएगा….।।
“अहमद मुश्ताक़”
-
दर्द गूंज रहा दिल में
शहनाई की तरह
जिस्म से मौत की ये
सगाई तो नहीं….।।
*
मौत से क्या डर
मिनटों का खेल है,
आफत तो ज़िन्दगी है जो
बरसो चला करती है….।।
-
इश्क से बचिए जनाब,
सुना है धीमी मौत है ये….।।
^
ज़िंदगी तेरे पहलू में
गुज़रने को यूँ बेताब थी,
कमबख़्त नादानी में मौत को
गले लगा बैठी….।।
-
बहर-ए-ग़म से पार होने के लिए
मौत को साहिल बनाया जाएगा ….।।
“जलील मानिकपूरी”
=> 07 - मौत शायरी फोटो डाउनलोड
साज़-ए-दिल को
महकाया इश्क़ ने,
मौत को ले कर जवानी आ गई….।।
-
ऐ मौत तुझे एक दिन आना है भले,
आ जाती शब्-ए-फुरकत में तो
एहसान होता….।।
*
ज़िंदा लाशो की भीड़ है चारो तरफ,
मौत से भी बड़ा हादसा है ज़िन्दगी….।।
-
आई होगी किसी को
हिज्र में मौत
मुझ को तो नींद भी
नहीं आती….।।
“अकबर इलाहाबादी”
^
मरते हैं आरज़ू में मरने की
मौत आती है पर नहीं आती….।।
“मिर्ज़ा ग़ालिब”
-
मौत से तो
दुनिया मरती है,
आशिक तो प्यार से ही
मर जाता है….।।
*
तमन्ना यही है
बस एक बार आये,
चाहे मौत आये चाहे
यार आये….।।
-
शिकायत मौत से नहीं
अपनों से थी मुझे
जरा सी आँख बंद क्या हुई
वो कब्र खोदने लगे….।।
^
मौत न आई तो ‘अल्वी’
छुट्टी में घर जाएँगे ….।।
“मोहम्मद अल्वी”
-
बे-मौत मर जाते है,
बे-आवाज़ रोने वाले….।।
=> 08 - मौत शायरी Urdu
चंद सांसे है,
जो उड़ा ले जाएगी,
इससे ज्यादा मौत मेरा,
क्या ले जाएगी….।।
-
मौत का भी इलाज हो शायद
ज़िंदगी का कोई इलाज नहीं….।।
“फ़िराक़ गोरखपुरी”
*
हद तो ये है कि
मौत भी तकती है दूर से,
उसको भी इंतजार मेरी
खुदकुशी का है….।।
-
जहर पीने से
कहाँ मौत आती है,
मर्जी खुदा की भी चाहिए
मौत के लिए….।।
^
मौत से बचने का
सबसे शानदार तरीका है,
दूसरे के दिलों में
जिंदा रहना सीख लो….।।
-
इश्क कहता है
मुझे इक बार कर के देख,
तुझे मौत से न मिलवा दिया तो
मेरा नाम बदल देना….।।
*
वो तो मौत की जिद थी,
सो उसकी ही चली,
वरना टक्कर अच्छी दी थी
मेरे मुल्क के सिपाही ने….।।
-
अच्छाई अपनी जिन्दगी,
जी लेती हैं,
बुराई अपनी मौत,
खुद चुन लेती है….।
^
ये इश्क़ बनाने वाले की
मैं तारीफ करता हूं,
मौत भी हो जाती है
और कातिल भी पकड़ा नही जाता….।।
-
जिन्दगी जख्मो से भरी है वक्त को
मरहम बनाना सीख लो,
हारना तो है एक दिन मौत से फिलहाल
जिन्दगी जीना सीख लो….।।
=> 09 - मौत शायरी Girl
नफरत करने की दवा
बता दो यारो,
वरना मेरी मौत की वजह
मेरा प्यार ही होगा….।।
-
तलब मौत की करना गुनाह है
ज़माने में यारों,
मरने का शौक है तो
मुहब्बत क्यों नहीं करते….।।
*
ज़िंदगी इक हादसा है
और कैसा हादसा,
मौत से भी ख़त्म जिस का
सिलसिला होता नहीं….।।
-
किसी कहने वाले ने भी
क्या खूब कहा है कि,
मेरी ज़िन्दगी इतनी प्यारी नहीं की
मैं मौत से डरूं….।।
^
हाथ पढ़ने वाले ने तो
परेशानी में डाल दिया मुझे…
लकीरें देख कर बोला,
तु मौत से नहीं,
किसी की याद में मरेगा….।।
-
मौत एक सच्चाई है
उसमे कोई ऐब नहीं,
क्या लेके जाओगे यारों
कफ़न में कोई जेब नही….।।
*
ज़िंदगी इक सवाल है जिस का
जवाब मौत है,
मौत भी इक सवाल है जिस का
जवाब कुछ नहीं….।।
-
छोड़ दिया मुझको
आज मेरी मौत ने यह कह कर,
हो जाओ जब ज़िंदा,
तो ख़बर कर देना….।।
^
बहाने मौत के तो
तमाम नज़र आते हैं,
जीने की वजह
तेरे सिवा कुछ नही भी….।।
-
प्यार में सब कुछ भुलाये बैठे हैं,
चिराग यादों के जलाये बैठे हैं,
हम तो मरेंगे उनकी ही यादों में,
यह मौत से शर्त लगाये बैठे हैं….।।
=> 10 - मौत शायरी मराठी
कोई नहीं आयेगा
मेरी ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा,
बस एक मौत ही है
जिसका मैं वादा नहीं करता….।।
-
अपनी मौत भी क्या मौत होगी
एक दिन यूँ ही
मर जायेंगे तुम पर मरते मरते….।।
*
माँ की आग़ोश में कल,
मौत की आग़ोश में आज
हम को दुनिया में ये दो वक़्त
सुहाने से मिले ….।।
“कैफ़ भोपाली”
-
दुनिया मेरी बला जाने महँगी है या सस्ती है
मौत मिले तो मुफ़्त न लूँ हस्ती की क्या हस्ती है….।।
“फ़ानी बदायुनी”
^
दो अश्क मेरी याद में बहा जाते तो क्या जाता,
चंद कलियाँ लाश पे बिछा जाते तो क्या जाता,
आये हो मेरी मय्यत पर सनम नकाब ओढ़कर.
अगर ये चाँद का टुकड़ा दिखा जाते तो क्या जाता….।।
-
ज़िंदगी है अपने क़ब्ज़े में
न अपने बस में मौत,
आदमी मजबूर है
और किस क़दर मजबूर है….।।
*
मेरी मौत के सबब आप बने,
इस दिल के रब आप बने,
पहले मिसाल थे वफ़ा की,
जाने यूँ बेवफ़ा कब आप बने….।।
-
मार डालेगी मुझे
ये खुशबयानी आपकी,
मौत भी आएगी मुझको तो
जबानी आपकी….।।
^
मोहब्बत के नाम पे दीवाने चले आते हैं,
शमा के पीछे परवाने चले आते हैं,
तुम्हें याद न आये तो चले आना मेरी मौत पर,
उस दिन तो बेगाने भी चले आते हैं….।।
-
कौन कहता है कि
मौत आई तो मर जाऊँगी,
मैं तो नदी हूँ
समुंदर में उतर जाऊँगी….।।
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